सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं पुरातन छात्र सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। “विकसित भारत @2047: शिक्षक शिक्षा की भूमिका” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने शिक्षक शिक्षा के वर्तमान और भविष्य पर मंथन किया।
मुख्य अतिथि प्रो. राजशरण शाही ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य विश्व मानवता की सुरक्षा का उद्घोष है और शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित बनाने की जरूरत है। कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने शैक्षिक उन्नयन में पुरातन छात्रों की भूमिका को सराहनीय बताया।
संगोष्ठी में डिजिटल व एआई आधारित शिक्षा, समावेशी शिक्षा, गुणवत्ता सुधार और 2047 तक शिक्षकों की बदलती भूमिका जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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