Tranding

आदर्श व बिना दहेज लेनदेन के विवाह का सपना हुआ साकार।

शहाबुद्दीन अहमद

बेतिया, बिहार

इस भ्रष्टयुग में भी अभी मानवता,शराफत बचती हुई नजरआ रही है,इस सपने को साकार करने में,बैरिया थाना क्षेत्र के पखनाहा पठान टोली निवासी,नबीउल्लाह खान ने

अपने कमाऊ पुत्र,नेहाल अनवर की शादी, फरजाना तबस्सुम,बीएड शिक्षा प्राप्त दुल्हन से की है, जो अब्दुल् लैस खान, साकिन,बैराठी,थाना, चीउनटाहा, जिला पश्चिमी चंपारण के निवासी बताए गए हैं। इस शादी में, नबीउल्लाह खान अपने सभी सगे संबंधियों,ईस्ट मित्र के साथ बारात लेकर दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचे,रास्ते में बारात जा रहे नवयुवकों ने अच्छी पटाखाबाजी की, दुल्हन के दरवाजे पर हुए इस पटाखेबाजी ने पूरे ग्रामीण क्षेत्रों में हलचल मचा दी।

लड़की वाले भी इस पटाखा बाजी को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए।बारातियों के साथ-साथ सारातीयों ने भी इस पटाखे बाजी के माहौल को देखकर खुशी से झूम उठे।बारात दरवाजे पर पहुंचते ही लड़की वालों के तरफ से बारातियों को फूलमाला से स्वागत किया गया,इसके बाद सभी बाराती निश्चित स्थान पर बैठ गए,नाश्ता पानी करने लगे,

लड़की वालों के तरफ से निकाह के लिए बहुत सुंदर स्टेज बनाया गया था,जहां निकाह की रस्मअदा की गई।

निकाह के रसम आ जाएगी के समय वर और वधू पक्ष के सभी लोग उपस्थित थे, मौलाना ने निकाह पढ़ाया, उसके बाद नौशे से इजाब काबुल करवाया।नौशे ने निकाह की स्वीकृति को बोलकर कुबूल किया। महफिल में उपस्थित सभी लोगों ने धन्यबाद दिया,सभी लोगों ने एक दूसरे को मुबारकबाद दी। वर और वधू पक्ष के लोगों ने एक दूसरे को गला मिलाकर,हाथ मिलाकर मुबारकबाद दी। यह समय बहुत ही खुशगवार था।

इस निकाह की खास बात यह रही कि लड़की का निकाह 1 लाख 86 हजार 786 रुपया में हुआ,मगर नौशे ने इस रकम को सोने की दो कंगन के शक्ल में अदा कर दिया,इस तरह इस्लामी शरीयत के मुताबिक निकाह में मैहर की रकम आद हो गई,उपस्थित सैकड़ो की संख्या में बाराती,शाराती ने निकाह की मैहर की राशि को सोने की दो कंगन के शक्ल मेंअदा करके एक कृतिमान स्थापित कर दिया।

इस तरह से निकाह के मेहर की नागद अदायदगी या जेवर की शक्ल मेंअदायगी होना 2 से 5%लोग ही इस युग में कर पाते हैं,95% लोग इसको स्वीकार कर लेते हैं,मगर अपने निकाह के मेहर की राशि को नगद या जेवर के रूप में अपने निकाह की मेहर कीअदायदगी नहीं करते हैं,मगर जिंदगी के आखिरी पल तक अदा कर देते हैं,जो लोगअपनी निकाह के मेहर की राशि को किसी मजबूरी सेअदा नहीं कर पाते हैं,तो वह अपनी पत्नी से माफ करा लेते हैं,अगर पत्नी माफ कर देगी तो मेहरअदा जाएगा, मगर ऐसा नहीं करना चाहिए, शौहर को अपनी जिंदगी में ही अपनी पत्नी के मेहर को अदा करना ज्यादा मुनासिब रहता है।इस शादी समारोह में पत्रकार भी सदेह उपस्थित रहे,सभी रस्मों कोअपने आंखों के सामने देखते रहे।

इस शादी समारोह में वधू पक्ष ने भी बहुत सुंदर,अच्छा इंतजाम किया था,बारातीयो के स्वागत करने,बैठने,आराम करने,नाश्ता पानी,खाना खिलाने की व्यवस्था की बहुतअच्छी थी,सभी बारातीयों नेअपने इच्छा अनुसार स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ लिया,खाना खिलाने का प्रबंध भीअच्छा रहा,सभी

बारातियों ने पेट भर खाकर, वर/वधु के परिवारों को साधुवाद दिया,आभार व्यक्त किया।वर/वधु पक्ष कीओर से इस शादी समारोह में सभी लोग शामिल हुए।

वर पक्ष की ओर से दूल्हे के अलावा सभी रिश्तेदार में, पिता, चाचा, मामा, भाई बहनोई भांजा, भांजी के साथ ही, जफरुद्दीन खान, शादाब अहमद खान,अमजद खान,

शेख नसीम, मुरादअनवर, छोटे सुल्तान,मदीहा वसीम, आदिबअनवर,अरहान खान केअलावा सभी सगे संबंधी, इष्टमित्र,पड़ोसी बाराती के रूप में गए हुए थे।इस शादी समारोह का बहुभुज/वलीमा का कार्यक्रम 13अप्रैल को होना निश्चित है।इस कार्यक्रम में भी सभी सगेसंबंधी,इष्ट मित्र,पड़ोसी के साथ साथ वधु पक्ष वाले को भी शामिल होने की संभावना व्यक्त की गई है।

India khabar
2

Leave a comment

Most Read

Advertisement

Newsletter

Subscribe to get our latest News
Follow Us
Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by India Khabar 2026