रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
जंगलों को सुरक्षित रखने, हरा भरा बनाने व वनवासियों को जागरूकता करने के उद्देश्य से जंगल में बसे हुए छोटे-छोटे 24 टोला के बीच मजदूर किसान समिति के नेतृत्व में 15 से 18 मई तक पैदल मार्च का आयोजन किया गया है। पैदल मार्च के दूसरे दिन मुंडा टोला खजुराही से चलकर गोपालकेड़ा, रघुनाथपुर, बगहा आदि गांव में जत्था पहुंचा। जहां स्थानीय ग्रामीण महिलाओं पुरुषों का व्यापक समर्थन मिला। कार्यक्रम के अतिथि रहे अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि वन विभाग वन संवर्धन का काम कर नहीं पाता है ।जबकि वह अपने आप को सबसे बड़ा भूस्वामी व जमींदार की भूमिका में रखता है। ठीक इसके विपरीत यहां के मूलवासी आदिवासी समाज के लोग वनरक्षक बने हैं।उन्होंने कहा कि जिले के बाराचट्टी व मोहनपुर के जंगली इलाकों में मुंडा जाति के आदिवासी समुदाय के लोग बीते 25-30 वर्षों से बसे हुए हैं। ऐसे 24 गांव और टोला में 15 से 18 मई तक पैदल मार्च किया जा रहा है। इधर मजदूर किसान समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप मांझी ने कहा कि गांवों की यह पदयात्रा सरकार से प्राकृतिक केंद्रित पर्यावरण नीति में मनुष्य को केंद्र भूमि बनाने की मांग करती है। पदयात्रा में शामिल अन्य लोगों में समिति के उपाध्यक्ष बाबूलाल गोपाल मुंडा,बुधन सिंह भोक्ता सहित सैकड़ो लोग शामिल रहे।
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