शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
पोक्सो अधिनियम से जुड़े मामले में पीड़ितों और अभियुक्तों के जन्म प्रमाण पत्र को प्रमाणिकता संदिग्ध पाए जाने पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त की है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सह पॉक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश,जावेद आलम ने डीईओ को पत्र लिखकर विद्यालय में प्रवेश के समय विद्यार्थियों के अभिभावकों द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने का निर्देश दिया है। साथ-साथ न्यायाधीश ने जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में प्रवेश के समय विद्यार्थियों के जन्म तिथि का सत्यापन करने का निर्देश भी दिया है। पत्र में न्यायाधीश ने विद्यालय में प्रवेश के समय अभिभावकों द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र की तिथि से जुड़े दस्तावेजों का उचित सत्यापन करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जांच के क्रम में पोक्सोअधिनियम के अंतर्गत पीड़ितों और अभियुक्त कीआयु निर्धारण के लिए प्रस्तुत जन्म तिथि प्रमाण पत्रों को प्रमाणिकता संदिग्ध पाई गई थी,यह चिंता का विषय लिया जाए।कई अपराधीक मामलों में यह पाया गया है कि विद्यालय में प्रवेश के समयअभिभावकों द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्रों का उचित सत्यापन किए बिना ही नामांकन पंजी में प्रविष्ट ठीक कर दी जाती है,जिसके कारण न्यायिक कार्रवाई में कठिनाई आ रही है। न्यायाधीश ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को जारी निर्देश में कहा है कि विद्यालय प्रवेश के समय बच्चों काअस्पताल से जारी प्रमाण पत्र,अथवा नगर निगम,नगर परिषद,ग्राम पंचायत के द्वारा निर्गत जन्म प्रमाण पत्र को हीआधार बनाएं,अगर अभिभावक के द्वारा विधिवत सत्यापित प्रमाण पत्र नहीं हो तो उनके द्वारा विधिवत्व सत्यापित शपथ पत्र लेकर ही नामांकन करें।
IndiaKhabar is an independent online news portal committed to accurate, timely and responsible journalism.
© 2026 IndiaKhabar. All rights reserved.