मामला जिले के डोभी प्रखंड के कुरमावां गांव का।
विनोद विरोधी
गया, बिहार।
आये दिन विकास योजना में घपले- घोटाले की चर्चा आती रहती है। हालांकि सूबे में डबल इंजन की सरकार का सुशासन सिर चढ़कर बोल रहा है। बावजूद मनरेगा योजना के तहत पईन की बिना सफाई किये ही करीब तीन लाख रुपये राशि की भुगतान कर दिए जाने का मामला सामने आया है।मामला जिले के डोभी प्रखंड अंतर्गत कुरमावां गांव स्थित धरधरी पईन का है जिसमें वितीय वर्ष 2026-27 में दो खंडों में पईन की सफाई किये जाने का जिक्र है। लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है ।ग्राम कुरमावां में प्रदीप प्रसाद के मुर्गा फार्म के निकट से बीरा दास के घर तक तथा फेकू साव के घर से बालजीत यादव के घर तक पईन की सफाई की बात बताई गई है और इसके एवज में विगत 27 मई 2026 को 2.70लाख रुपये रकम की भुगतान दिखाया जा रहा है।इधर स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस पईन में अभी तक कोई कहीं भी सफाई का काम नहीं हुआ है। इस बाबत जब डोभी प्रखंड के पंचायती राज पदाधिकारी राजकुमार से संपर्क किया गया तो उक्त पदाधिकारी ने बताया कि पंचायत समिति सदस्य के द्वारा सफाई का काम तथा उसके बाद रकम का भुगतान किया गया है। सवाल है जब सफाई हुई नहीं तो रकम का भुगतान कैसे हो गया? जो जांच का विषय है।
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