शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
इन दिनों मुस्लिम समुदाय में पवित्र रमजान का महीना चल रहा है,इसमें मुस्लिम समुदाय के लोगअपनी प्रॉपर्टी,जेवर इत्यादि का जकात,फ़ित्रा,सदका, निकालते हैं,जिसको मदरस्सा,मकतब में शिक्षा लेने वालेअनाथ बच्चों के भरण पोषण,खाने-पीने,रहने सहने,पढ़ाई लिखाई की सामग्री खरीदने, बनवाने, मदरसा निर्माण करने के मद में दी जाती है। इसकेअलावा गरीब, लाचार, वृद्ध,यतीम, विकलांग,जरूरतमंद लोगों के बीच दी जाती है,ताकि वे सभी भीअपने बाल बच्चों को कपड़ा एवंअन्य जरूरत के समान इत्यादि खरीद कर ईद की खुशी मनाएं। इसी क्रम में स्थानीय बड़ी मस्जिद के गेट पर जाली रसीद छपवाकर, चंदा मांग रहे थे,जिसमें एक युवक अंधाऔर एक गूंगा था,उनके क्रियाकलाप, भाषा, हावभाव, वेशभूषा को देखकर मुस्लिम समुदाय के लोगों में संदेह पैदा हो गया, इसकी जांच पड़ताल करने लगे,जांच पड़ताल के क्रम में, वेशभूषा मुस्लिम समुदाय के जैसा बनाया हुआ था,मगर वास्तविकता में वह हिंदू समाज का युवक निकाला, जो धोखा देकर मुस्लिम समुदाय के लोगों से पैसा वसूल कर रहा था,इसी प्रकार एकऔर युवक पकड़ में आया,वह भी किसी मदरसे का जाली रसीद छपवाकर पैसा वसूल कर रहा था।यह दोनों मुस्लिम समुदाय के लोगों से चंदा वसूलकर धोखा दे रहे थे,स्थानीय लोगों ने इन दोनों पिंटू कुमार पासवान और रिजौद्दीन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।यह दोनों युवक एकअंधा एक गूंगा जैसा व्यवहार कर रहे थे,जो संदेह के घेरे मेंआ गए,इस तरह की घटनाएं जिलों,राज्यों के अलावा पूरे भारत वर्ष में इस मौके पर हुआ करती है। इस तरह धोखा देने वाले लोगों कोअगर पकड़ा गया तो खैर नहीं,पुलिस के हवाले कर दी जाती है,अगर नहीं पकड़ाया तो राशि वसूल कर शराब,गांजा,चरस,मादक पदार्थ का सेवन करते हैं,साथ ही होटलों में जाकरअय्याशी करते हैं।इस तरह की घटना पूरे देश में घट रही है,जिसकी सूचना सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से पता चलता है।
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