हफीज़ अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश
ट्रेनों में नशा मुक्ति अभियान चलाना एक प्रभावी तरीका है जिससे व्यापक यात्रियों तक नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता फैलाई जा सकती है इस अभियान को ट्रेन यात्रियों दर्शकों ने काफी सराहा है उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में नशा मुक्त समाज अभियान के तहत ट्रेनों में नशा छोड़ो एक करोड़ जीतो शीर्षक से चलायें जाने के अवसर पर एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी योग गुरू ज्योति बाबा ने कही, श्री ज्योति बाबा ने आगे कहा कि ट्रेनों में अक्सर युवा यात्री होते हैं जिन्हें नशे के खतरों के बारे में जागरूक करना महत्वपूर्ण है जब लोगों से यह कहा कि नशा छोड़ने पर आपको एक करोड़ रुपया मिलेगा तो उनकी सुनने और समझने की जिज्ञासा काफी बढ़ गई और उन्होंने कैसे और किस तरह छोड़ने पर मिलेगा इस पर विभिन्न प्रश्न भी पूछे, जिनका शंका समाधान डॉक्टर धर्मेंद्र यादव राष्ट्रीय संयोजक ने बड़े ही सरल तरीके से दिया उन्होंने नशे के चलते कैसे शरीर के करोणो रुपए मूल्य के प्रमुख अंग खराब हो जाते हैं उसको लैपटॉप पर प्रदर्शित भी किया। उपस्थित कई लोगों ने इस विविधता को समझने के बाद तंबाकू और गुटखा छोड़ने का संकल्प भी लिया।
ट्रेन की महिलाओं ने बताया कि हम तंबाकू वाला गुल मंजन करते हैं पर छोड़ने की कोशिश के बाद भी यह छूटता है नहीं, इस पर सोशल काउंसलर गीता ने बताया कि शरीर की इम्यूनो पावर बढ़ाकर और सुबह चाय पीने से पहले चार-पांच पत्ती नीम को चबाकर व प्राकृतिक फल व सब्जियों की मात्रा बढ़ा देने से शरीर के विजातीय तत्व तेजी से बाहर निकल जाते हैं धीरे-धीरे आपकी मंजन करने की इच्छा खत्म हो जाती है। ट्रेन में लोगों को प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर नीरज कुमार सिंह ने पोस्टर व पैंपलेट भी बांटे सभी को ड्रग्स फ्री इंडिया फ्लैग भी नवीन गुप्ता,रोहित कुमार, प्रदीप बिश्नोई ने लगाए।
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