ब्यूरो चीफ फुरकान कुरैशी एडवोकेट
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
थाना कैसरबाग और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को बड़ी कामयाबी मिली, जब पुलिस ने शहर में लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पाँच चोरों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह लखनऊ समेत कई शहरों में खड़ी या चलती कारों से सामान चुराने का काम करता था। मामला 25 सितंबर 2025 का है, जब लखनऊ के अनुराग सक्सेना नाम के व्यक्ति ने थाना कैसरबाग में शिकायत दी कि किसी ने उनकी कार से एक बैग चुरा लिया, जिसमें डेल कंपनी का लैपटॉप, एक डायरी, कैटलॉग, आधार कार्ड और कुल ₹4,960 नकद थे। पुलिस ने तुरंत इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। लगातार निगरानी और एक खास जानकारी के आधार पर 30 सितंबर को पुलिस ने लखनऊ से पाँच शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से चोरी गया लैपटॉप, डायरी, कैटलॉग, ₹1,660 और ₹3,300 की नकदी के साथ आधार कार्ड भी बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी दक्षिण भारत के रहने वाले हैं — रंगनाथम सी, सत्यराज टी, लोगु उर्फ लिंगरामन, अब्दुल असन और इलंगेश्वरन — ये सभी तमिलनाडु और पुडुचेरी के रहने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि ये लोग कारों के पास गिरा हुआ नकली नोट दिखाकर लोगों को धोखे में डालते थे। जैसे ही गाड़ी मालिक नोट उठाने के लिए झुकता, दूसरा आदमी बातों में लगाकर ध्यान भटकाता और तीसरा चुपचाप गाड़ी से बैग या कीमती सामान निकाल लेता। अगर कार बंद होती तो एक और साथी शीशा तोड़कर चोरी करता। पकड़े जाने पर बाकी साथी मिलकर अपने साथी को छुड़ा ले जाते थे। पकड़े गए चोरों पर दिल्ली समेत कई जगहों के थानों में पहले से चोरी के केस दर्ज हैं। इस कार्रवाई का नेतृत्व थाना कैसरबाग के प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार मिश्र ने किया। टीम में 17 पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनमें उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और सिपाही शामिल थे। बरामद सामान और पूछताछ के आधार पर इन आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और सभी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
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