हफीज़ अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश
शिक्षकों/कर्मचारियों के संगठन अटेवा ने जिला अध्यक्ष नीरज तिवारी तथा जिला महामंत्री सुनील कुमार बाजपेयी के नेतृत्व में शिक्षकों ने सांसद देवेन्द्र सिंह 'भोले' व विधायक सुरेंद्र मैथानी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें प्रधानमंत्री से निवेदन करने का अनुरोध किया गया है कि वह एनसीटीई की दिनांक 9/8/17 को जारी आरटीई एक्ट में संशोधन की अधिसूचना जिसमें कहा गया है कि सभी शिक्षकों पर समान पात्रता के नियम लागू होंगे चाहे वह एक्ट के लागू होने से पहले से ही कार्यरत क्यों ना हो को निरस्त कराने का काम करें। जिला महामंत्री सुनील बाजपेयी ने बताया कि शिक्षक समुदाय में टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश जो एनसीटीई द्वारा आरटीई एक्ट में संशोधन के कारण आया है से गहरा असंतोष और रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक्ट में संशोधन करके शिक्षकों को राहत नहीं देती तो अटेवा /एन एम ओ पी एस राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।प्रदेश संयुक्त मंत्री अखिलेश यादव ने कहा 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक, जिनकी नियुक्ति उस समय की नियमावली और शैक्षिक योग्यताओं के आधार पर वैध रूप से हुई थी, अब अपने भविष्य को लेकर असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में हैं।मंडलीय मंत्री डॉ यतीन्द्र शर्मा का कहना है कि जब शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, उस समय टेट की कोई अनिवार्यता नहीं थी। उन्होंने निर्धारित योग्यता के आधार पर चयन प्रक्रिया में भाग लेकर अपनी नियुक्ति पाई थी। ऐसे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में कार्यरत वरिष्ठ शिक्षकों के लिए इस उम्र में फिर से परीक्षा देना न केवल चुनौतीपूर्ण है, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी ठेस पहुँचाने वाला है। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से नीरज तिवारी,सुनील बाजपेयी, डॉ यतींद्र शर्मा, अखिलेश यादव, अक्षय कुमार,कुलदीप यादव,सुयश शुक्ला,मोहन मुरारी,वीरेंद्र सिंह,तेज बहादुर,नारायण तिवारी, अनूप कुमार,अजय पाल,विजय बहादुर,ऋचा सिंह,गायत्री सिंह,बीनू दीक्षित, आदित्य अवस्थी, शशि कान्त, अनिल चौबे आदि सैकड़ों शिक्षक/शिक्षिकाये उपस्थित रहे।
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