आशुतोष कुमार
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
मानव अधिकार संगठन एवं सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में शाम 7:00 बजे एक शाम फिराक गोरखपुरी के नाम के शीर्षक से एक काव्य गोष्ठी एवं मुशायरा का आयोजन किया गया यह आयोजन मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रजी के अगुवाई में एवं मुशर्रफ अली जो मानवाधिकार संगठन के उपाध्यक्ष हैं उनके आवास पर यह कार्यक्रम रखा गया इस कार्यक्रम में स्थानीय कवियों एवं शायरों ने अपने शेरों को पढ़ा इस कार्यक्रम के बाद एक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा माला पहनकर अभिवादन किया गया एवं अंग वस्त्र तथा मानवाधिकार संगठन की तरफ से सर्टिफिकेट(प्रस्तुति पत्र) भी दिया गया इस प्रोग्राम में इस मुशायरे का संचालन युवा शायर सलीम मजहर ने किया और इसी के साथ कविता के रूप में मानवाधिकार संगठन के उपाध्यक्ष डॉ राशिद हुसैन ने हास्य कविता के रूप में अपने पिता की बहुत ही अनमोल कुछ कविता को पढ़ा जो इस प्रकार है शुक्रिया भी उनका जो मुकम्मल जहीन है और शुक्रिया भी उनका जो कौड़ी के तीन हैं l इस कविता के जरिए उन्होंने अपने पिता को श्रद्धांजलि दी इसी क्रम में आए हुए कवि एवं शायरों में श्री कौशल गोरखपुरी ,राम सुधार सिंह सेथवार ,अरविंद अकेला चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा ,श्री अवधेश नंद ,श्री अरुण कुमार श्रीवास्तव उर्फ शम्स गोरखपुरी ,कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ,वसीम मजहर अब्दुल्ला जामी, सृजन गोरखपुर , राम सामऊज सांवरा इत्यादि आदि ने अपने कविता के जरिए दर्शकों को मंत्र मुग्ध किया इसमें मानव अधिकार संगठन के सभी सदस्यों ने बहुत ही मेहनत की और इस प्रोग्राम को सफल बनाने में श्री बदरुल हसन, शादाब आलम ,तनवीर आलम मुशर्रफ अली, डॉक्टर राशिद हुसैन, मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद सद्दाम एडवोकेट संरक्षक फिरोज़ उल हक साहब एवं संरक्षक हसन जमाल उर्फ बबुआ भाई आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में बहुत मेहनत की lइस कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने सभी को बधाई दी एवं शुभकामना संदेश के साथ इस कार्यक्रम को समाप्त करने की घोषणा की ।
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