महराजगंज, उत्तर प्रदेश
जनपद में गलत मंशा से जोत से अधिक उर्वरक क्रय कर उसकी अवैध बिक्री और भंडारण करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए जिला प्रशासन द्वारा तीन लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है।
जनपद में एक मै०टन से अधिक यूरिया उर्वरक क्रय करने वाले क्रेताओं की जिला कृषि अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर जाँच की गई। जाँच में पाया गया कि निजामुद्दीन पुत्र वकील निवासी ग्राम हरदीडाली, सरफुद्दीन पुत्र शमशुद्दीन, इरफान पुत्र हकीमुल्ला द्वारा अपनी जोत से कहीं ज्यादा यूरिया की खरीद की गई है। जांच में यूरिया खरीद की मंशा अवैध भंडारण और बिक्री की बात सामने आई है, जिसके लिए तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिला कृषि अधिकारी की जांच में पाया गया कि निजामुद्दीन द्वारा जुलाई, 2025 में 17 बार में कुल 35 बोरी नीम कोटेड यूरिया क्रय किया गया है। तहसील नौतनवा के रिकार्ड के अनुसार निजामुद्दीन के पास मात्र 1.410 हे० खेत है। इसी प्रकार सरफुद्दीन द्वारा जुलाई, 2025 में 13 बार में कुल 32 बोरी नीम कोटेड यूरिया क्रय किया गया है। सरफुद्दीन द्वारा लिखित रूप में बयान देकर यह स्वीकार किया गया है कि उसके पास खेत नहीं है। इरफान पुत्र हकीमुल्लाह निवासी ग्राम हरदीडाली के द्वारा जुलाई, 2025 में 10 बार में कुल 25 बोरी अनुदानित नीम कोटेड यूरिया क्रय किया गया है। इरफान ने लिखित रूप में स्वीकार किया है कि उसके द्वारा मात्र दो एकड़ खेत में बटाई पर खेती किया जाता है। इरफान द्वारा यह भी स्वीकार किया गया है कि उसने रूपये 250/-प्रति बोरी का लाभ लेकर अतिरिक्त यूरिया का विक्रय अन्य को किया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि यूरिया एक अनुदानित तथा आवश्यक वस्तु है और कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार जनपद में धान की लिए यूरिया की आवश्यकता 01 एकड़ में 02 बोरी यूरिया, जबकि 01 हे० में 05–06 बोरी यूरिया का मानक निर्धारित है।
जांच में पाया गया कि तीनों व्यक्तियों ने उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 व आवश्यक वस्तु अधिनियम-1995 में उल्लिखित प्राविधानों का उल्लघंन करते हुए जुलाई, 2025 में अपनी आवश्यकता से अधिक यूरिया उर्वरक को क्रय किया तथा अतिरिक्त यूरिया को ऊँचे दाम पर बेंच दिया। इस सन्दर्भ में जिला कृषि अधिकारी द्वारा तीनों के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995 की धारा 3/7, उर्वरक मूवमेन्ट आर्डर-1973 व बी0एन0एस0- 2023 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत थाना सोनौली में प्राथमिकी दर्ज कराया गया है।
इससे पूर्व जिलाधिकारी द्वारा दैनिक समीक्षा में सर्वाधिक उर्वरक खरीद करने वाले किसानों की सूची की समीक्षा करते हुए सर्वाधिक खरीद करने वाले किसानों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। जांच में पाया गया कि जून माह में कुल 186 लोगों द्वारा और जुलाई में कुल 261 द्वारा 01 एमटी से अधिक यूरिया का क्रय किया गया। जांच में संदिग्ध पाए गए किसानों की सूची को जिलाधिकारी द्वारा कृषि मंत्री से भी साझा किया गया और विभागीय जांच का अनुरोध किया गया। कृषि मंत्री द्वारा कृषि विभाग की एक टीम द्वारा भी सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच कराया गया है। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा संबंधित एसडीएम को ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार ऐसे लोगों के विरुद्ध जांच अभी जारी है। आगे यदि और लोग दोषी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी के निर्देशानुसार वर्तमान में खरीद करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
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