गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग की वरिष्ठ आचार्य प्रो. सुषमा पांडेय को दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यह निर्णय उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध में गहन अनुभव तथा संस्थागत योगदान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रो. सुषमा पांडेय शिक्षाशास्त्र के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखती हैं तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक शोध-पत्रों और पुस्तकों का प्रकाशन कर चुकी हैं। उन्होंने शिक्षा के मानवीय, नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर विशेष कार्य किया है, जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सिद्धांतों से प्रतिध्वनित होता है। शोध पीठ के निवर्तमान निदेशक इतिहास विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो.हिमांशु चतुर्वेदी को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला का निदेशक बनाया गया है।
इस अवसर पर कुलपति महोदय प्रो. पूनम टण्डन ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि, "प्रो. पांडेय के नेतृत्व में शोधपीठ न केवल पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के व्यापक प्रचार-प्रसार का माध्यम बनेगा, बल्कि नये शोध की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति करेगा।"
प्रो. सुषमा पांडेय ने इस उत्तरदायित्व के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे शोधपीठ को राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त बौद्धिक मंच के रूप में विकसित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। इस उपलब्धि पर विश्विद्यालय के सभी संकायों के अधिष्ठाता, सभी विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने हर्ष व्यक्त कर बधाई दी हैl
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