हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
भारतीय बाल रोग अकादमी,बाल रोग विभाग,जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज,कानपुर द्वारा संयुक्त रूप से विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर लेक्चर थिएटर-वन में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्टी में लगभग 250 एमबीबीएस छात्रों एवं 50 नर्सिंग छात्राओं एवं संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ संजय काला एवं सीएमओ कानपुर नगर डॉक्टर आलोक रंजन ने किया।
सीएमओ डॉक्टर आलोक रंजन ने बताया कि मां का दूध बच्चे के लिए अमृत के समान है। इसको जन्म के पहले घंटे से ही पिलाना शुरू कर देना चाहिए तथा पहले 6 माह तक मां के दूध के अतिरिक्त कुछ भी नहीं देना चाहिए। 6 माह के बाद मां के दूध के साथ-साथ पूरक आहार शुरू करना अति आवश्यक है। प्रतिवर्ष 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है इसकी शुरुआत अगस्त 1990 में हुई थी। इस को मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्व भर में स्तनपान को बढ़ावा देना है जिससे कि शिशुओं को सही पोषण मिल सके और उनका स्वास्थ्य बेहतर किया जा सके। आईएपी सचिव एवं बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉक्टर अरुण आर्य ने बताया कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के अनुसार भारतवर्ष में पहले घंटे में केवल 42% माताएं ही नवजात को अपना दूध पिलाना शुरू करती हैं,
डॉक्टर प्रतिभा सिंह ने दूध पिलाने की विभिन्न पोजीशन के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने बताया कि सफल स्तनपान के लिए पूरे परिवार को मां को प्रोत्साहित करना चाहिए।डॉ0नीना गुप्ता ने माताओं को स्तनपान से होने वाले फायदों के बारे में बताते हुए कहा कि स्तनपान कराने वाली माताओं में स्तन एवं अंडाशय का कैंसर होने की संभावना काफी कम हो जाती है साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान बढे वजन को कम करने में मदद मिलती है।
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