करुणाकर राम त्रिपाठी
महराजगंज, उत्तर प्रदेश
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट्स की स्थिति, सुधारात्मक कार्यों तथा सड़क सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई।
यातायात निरीक्षक ने बताया कि मई 2026 में जिले में कुल 32 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 26 लोगों की मृत्यु हुई तथा 08 लोग घायल हुए। इस पर जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं और घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
डीएम ने महराजगंज-ठूठीबारी मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एनएच पीडब्ल्यूडी को कड़ी फटकार लगाई और सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर साइन बोर्ड, रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और कैट लाइट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने को कहा।
बैठक में एआरटीओ ने बताया कि इस माह सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु से जुड़े 09 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा 22 अन्य लाइसेंसों के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी गई है। जिलाधिकारी ने फरेंदा में ट्रामा सेंटर स्थापित करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद तत्काल उपचार उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है।
डीएम ने स्कूल वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन कराने तथा बिना फिटनेस वाले वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया। हाईवे से जुड़े संपर्क मार्गों पर स्पीड ब्रेकर लगाने तथा यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अधिशासी अभियंता राजकुमार मिश्रा, सहायक परिवहन अधिकारी मनोज सिंह, डीआईओएस प्रदीप शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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