छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सेतू (PM SETU) योजना के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का आधुनिकीकरण कर उन्हें उद्योगोन्मुख एवं रोजगारपरक कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिले की पांच आईटीआई संस्थाओं का चयन किया गया है, जिससे लगभग 3,000 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
इस संबंध में बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जी.सी., व्यवसाय शिक्षा के सहनिदेशक प्रदीप दुर्गे, उपनिदेशक रमण पाटील, जिला व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण अधिकारी अभिजीत आलटे तथा आईटीआई के प्राचार्य सत्यभूषण गोसावी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि पीएम सेतू केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य आईटीआई संस्थानों का उन्नयन कर उन्हें आधुनिक, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण केंद्रों में बदलना है। इसके तहत जिले की शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था छत्रपति संभाजीनगर, पैठण, गंगापुर, फुलंब्री और खुलताबाद स्थित पांच आईटीआई को मिलाकर एक क्लस्टर विकसित किया जाएगा।
इन पांच संस्थानों में अध्ययनरत लगभग 3,000 विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल विकास प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। योजना के लिए वित्तीय भागीदारी में केंद्र सरकार 50 प्रतिशत, राज्य सरकार 33 प्रतिशत और उद्योग क्षेत्र 17 प्रतिशत योगदान देगा।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में पहले चरण के लिए आईटीआई संस्थानों का चयन कर लिया गया है। अगले चरण में उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए एमआईडीसी, जिला उद्योग केंद्र तथा कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग संयुक्त रूप से प्रयास करेंगे।
उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे और विद्यार्थियों को उसी आधार पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हो सकें।
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