सजा के अपने घर में गीता और कुरान रखते हैं
जहां पर राम रखते हैं वहीं रहमान रखते हैं-मिन्नत गोरखपुरी
स्थानीय कवियों के कवि सम्मेलन के साथ समाप्त हुआ गोरखपुर महोत्सव।
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
स्थानीय कवियों के कवि सम्मेलन के साथ गोरखपुर महोत्सव 2026 समाप्त हुआ कार्यक्रम का संचालन करते हुए मिन्नत गोरखपुरी ने पढ़ा की सजा के अपने घर में गीता और कुरान रखे हैं जहां पर राम रखते हैं वही रहमान रखते हैं जिस पर लोगों ने खूब तालियां बजाई कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि डॉक्टर रामकृपाल राय ने किया |
आशिया गोरखपुरी ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन की शुरुआत की|
इस अवसर पर डॉक्टर सरिता सिंह ने पढ़ा,
दिल की क्यारी से नफरत के कांटे छोड़ दो यारो
जहां से धर्म मजहब की खाई पार्ट दो यारो
एकता उपाध्याय ने पढ़ा,
सुबह के उजालों से ज़िद तुम करो
यह जो सूरज उगा है ढाले ना कभी
संतोष संगम ने पढ़ा,
मर मिटेंगे देश पर हुए अलग-अलग थे
अब किसी के लिए कोई मरता नहीं
सुभानी ने पढ़ा,
साथ ही साथ डॉ आरके राय,अभय कुमार,आशिया गोरखपुरी,मोहम्मद शादाब सुभानी,डॉक्टर अरुण कुमार पांडे,परी श्रीवास्तव ने काव्य पाठ किया इस अवसर पर डॉक्टर सौरभ पांडे,संजय मिश्रा, फजल खान, आदिल अमीन,मोहम्मद वाजिक शिबू, राजेश राज,आशीष रुंगटा, प्रशांत पांडेय, गोविंद,विवेक कुमार, आदित्य घोष ,डॉक्टर अनीता पाल सिंह आदि उपस्थित रहे|
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