भानू प्रकाश
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
सरस्वती शिशु मंदिर(10+2) पक्कीबाग गोरखपुर में 'सप्तशक्ति संगम' कार्यक्रम का भव्य आयोजन
अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मातृ शक्ति के सम्मान के साथ-साथ विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, सप्तशक्ति संगम की क्षेत्रीय संयोजिका निधि द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमें सांस्कृतिक प्रदूषण से समाज एवं राष्ट्र को बचाना है। यह सांस्कृतिक संक्रमण काल है। उन्होंने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने का जिक्र करते हुए पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन पर प्रकाश डाला। राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने समाज में मातृ शक्ति के सात आयामों और उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा की नारी का स्थान घर में पूजनीय है। मातृशक्ति समाज एवं परिवार के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्णहै। कार्यक्रम की अध्यक्षता बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या रश्मि श्रीवास्तव ने की, जबकि डॉ. रिचा सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। जिनके द्वारा प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
प्रमुख गतिविधियाँ:
* मातृ सम्मान: समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विशिष्ट माताओं को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जिसमें शैल पाण्डेय,मीनाक्षी अग्रवाल, साक्षी सिंह, गीतांजलि मौर्य ,किरण जी रही।
* सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: विद्यालय की छात्राओं द्वारा देशप्रेम और भारतीय संस्कृति पर आधारित मनमोहक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी गई।
* प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता: कार्यक्रम के दौरान एक ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी (Quiz) का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अतिथि परिचय, सम्मान एवं प्रस्ताव की विद्यालय की उप प्रधानाचार्या रुक्मिणी उपाध्याय तथा आभार ज्ञापन सुधा त्रिपाठी जी द्वारा संपन्न हुआ । इस अवसर पर मातृशक्ति के रूप में सैकड़ो माताएं ,विद्यालय के आचार्य, कर्मचारी और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
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