शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व मधुमेह दिवस पर, विभिन्न कार्यक्रमआयोजित किए गए हैं,इसअवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में, विभिन्न वक्ताओं ने,अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मधुमेह विश्व स्तर पर फैलती जा रही है,इस पर नियंत्रण करने के लिए कई ठोस उपाय किए गए हैं,मगर इन उपायों का कोई ठोस नतीजा सामने नजर नहीं आ रहा है,विभिन्न जांच लिबर्टी में जांच की क्रिया चल रही है कि इस पर कैसे नियंत्रित किया जाए,मगर सफल परीक्षण नहीं हो पा रहा है,पूरे विश्व में लगभग 22 प्रतिशत लोग मधुमेह से ग्रसित हैं। वर्ष 1991 से ही प्रति वर्ष विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता आ रहा है,इसी क्रम में, इंसुलिन की खोज करने वाले फ्रेडरिक बैटिंग के जन्म दिवस 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस के रूप में मनाया जाता है।इस वर्ष विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर इसका थीम "डायबिटीज एंड वेल बीइंग एस्पेशली फोकस ऑन द वर्क प्लेस" रखी गई है।
मधुमेह के मरीज की देखभाल कैसे हो,कार्य स्थल पर मेंटल सपोर्ट कैसे मिले,साथ ही डायबिटीज को मैनेज करने के लिए माहौल तैयार करने पर जोर दिया जाये।
मधुमेह रोगियों को इंसुलिन लेने के लिए इंसुलिन को ठंडा स्थान में रखने की बात कही गई है।मधुमेह रोगियों के लिए कैंटीन में भी कार्बोहाइड्रेट वाले फूड होने चाहिए ताकि डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सके, इसके अलावा कार्य स्थल पर समय-समय पर सेहत की जांच होनी चाहिए,इन सब बातों के साथ ही डायबिटीज के प्रति लगातार जागरूक करते रहना चाहिए। डॉक्टर गर्ग का कहना है कि कई बार मधुमेह का शिकार मरीज को हाइपोग्लाइसीमिया होने का खतरा रहता है,जिसेअचानक शुगर के लेवल कम हो जाता है,ऐसी स्थिति में जागरूक रखकर उसकी पहचान करनी चाहिए।मधुमेह के रोगियों को अचानक कंपन छूटने लगती है,हाथ पैर कांपने लगते हैं, इसकेअलावा पसीनाआता है, ब्लड शुगर का लेवल 70 से नीचे चला जाता है, ऐसी स्थिति में मधुमेह के मरीजों को अपने पास मीठी वस्तु, मिठाई, चॉकलेट याअन्य मीठी वस्तुअपने पॉकेट में रखना चाहिए ताकि ऐसी स्थितिआने पर तुरंत खा लिया जाए,या पानी में चीनी का रस घोलकर पी लिया जाए,यही मधुमेह के रोगियों का तुरंत इलाज है, जिसे नियंत्रित किया जा सकता है।विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए इसके अलावा डायबिटिक पेशेंट के लिए इमोशनल सपोर्ट वाला माहौल तैयार किया जाए ना के तनाव वाला वातावरण बने तनाव के कारण डायबिटीज बढ़ती है।
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