शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
इस महीने 5 नवंबर को गंगा स्नान,दीपदान,गुरु नानक जयंती मनाई जाएगी।कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान, दीपदान,यज्ञ हवन आदि करने से सांसारिक पाप और ताप का शमान होता है। इस दिन किए जाने वाले अन्य धन एवं वस्त्रेददान का भी बहुत महत्व बताया गया है।आचार्य राधाकांत शास्त्री ने संवाददाता को बताया कि इस दिन जो भी दान किया जाता है उसका कई गुना लाभ मिलता है। मानयता यह भी है कि इस दिन व्यक्ति जो कुछ दान करता है वह उसके लिए स्वर्ग में संरक्षित रहता है,जो मृत्यु लोक त्यागने के बाद स्वर्ग में उसे पुनः प्राप्त होता है। शास्त्रों में वर्णित है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी, सरोवर, धाम स्थान में जैसे, गंगा, यमुना, गोदावरी, नर्मदा, गंडक, कुरुक्षेत्र, अयोध्या, काशी में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। कार्तिक मांह की पूर्णिमा तिथि पर व्यक्ति को बिना स्नान के नहीं रहना चाहिए।शिव और विष्णु दोनों संप्रदाय के लिए यह महत्वपूर्ण है।यह त्योहार कार्तिक पूर्णिमा शिवऔर वैष्णो दोनों ही संप्रदाय के लिए बहुत ही उत्तम, महत्वपूर्ण माना जाता गया है। पूर्णिमा को श्रीहरिविष्णु जी ने मत्स्यअवतार भी लिया था। इस दिन स्नान दान की गणेश शिव एवं महाविष्णु पूजा कर लेना सबके लिए उत्तम होता है। इसी दिन गुरुनानक देव का जन्म भी हुआ था,इसको प्रकाश और गुरु पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।इस दिन मातृपूजन,चंद्रशांति,चांदी, चावल,सेंधा नमक,कपूर सहित गौदान,दीपदान का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान दान, देवरचन करने एवं दीपदान करने का महत्व है।
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