शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
जिला के डुमरिया स्टेट के पारिवारिक कलह का मामला सुर्खियों में आगया,जब परिवार की बहू मोहिता शाही और उनकी बच्ची को उनके ही ससुराल वालों ने घर में घुसने नहीं दिया गया। घटना के बारे में संवाददाता को पता चला है कि मोहित सहीअपने दो बच्चों के साथ घर के दरवाजे पर खड़ी रही,लेकिन उनके ससुराल वाले घर का दरवाजा तक नहीं खुला और घर में घुसने नहीं दिया,जबकि उनकी बच्ची की तबीयत खराब थी,पानी तक के लिए नहीं पूछा गया।अंत में उन्होंने शिकारपुरा थाने में जाकर पशिकायत दर्ज कराई।
मोहित शाही ने संवाददाता को बताया कि उनकी शादी वर्ष 2005 में बड़ी धूमधाम से हुई थी,ससुराल वाले हमेशा दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे।मोहित शाही ने अपने प्राथमिक्की में,अपने पति, कुंवर धनंजय शाही,ससुर अजय कुमार शाही,सास,रानी माधुरवीशाही,जेठ,रनजय शाही कोआरोपित किया है।
पीड़िता मोहित शाही ने संवाददाता को बताया कि उनके पति मुझे और दोनों बच्चों को छोड़कर गुड़गांव चले गए और मैं और बच्ची यही रह गई,यहां कोई पूछने वाला नहीं है। ससुराल वालों ने फोन करके मुझको और बच्ची को घर दीपावली मनाने के लिए घर बुलाया,हम ने यह समझ कि हालत में सुधार लाने के बुलाया गया है,मैं चली आई,लेकिन मेरेआने पर दरवाजा पर खड़ी रही,मगर दरवाजा नहीं खुल सका, मेरे पति के गुड़गांव चले जाने के बाद ससुराल वाले मुझे और बाल बच्चों को देखभाल करना छोड़ दिया।घटना के संबंध में थानाअध्यक्ष, ज्वाला सिंह ने संवाददाता को बताया केआवेदन मिला है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।मामला पारिवारिक है, हालांकि यह मामला क्षेत्र में चर्चा के विषय बना हुआ है, स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर सहानुभूति जताई है
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