रमाशंकर गुप्ता
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग द्वारा निर्यात बड़ा कर किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार की कई लाभकारी योजनाएं हैं। जिनके जरिए किसान अपनी मिट्टी की गुणवत्ता को सुधार कर नई तकनीक को अपनाकर अपनी आमदनी को दोगुना कर सकते हैं। कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग समेत सभी सरकारी विभाग इसके लिए हर संभव उनका सहयोग करेंगे। कृषि योजनाओं के लिए नाबार्ड से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराया जाएगा।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने दीप प्रज्वलित का एक दिवसीय कार्यशाला संबोधित करते हुए कमिश्नर ने कहा की मंडल स्तर पर कार्यशाला को आयोजित करने का उद्देश्य किसानों, किसान उत्पादक संगठनों को जागरूक करना है। जिससे कि किसान अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। कृषि उपज को कृषकों से सीधी खरीद के लिए कृषि मंडी उप स्थल की भी व्यवस्था की गई है। कृषि भंडार गृह जिनकी न्यूनतम क्षमता 4 टन और क्षमता 10 टन प्रति दिन हो। मंडी उक्त स्थल के लिए एफपीओ, निर्यातक किसान सहकारी समूह आदि कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार से मंडी स्थल घोषित करा सकते हैं। केंद्र सरकार के नियंत्रण में सरकारी सार्वजनिक उपक्रम, निगम सहकारी समूह, खाद्य प्रसंस्करण विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। कृषि उत्पाद के मूल्य पर मंडी शुल्क का 75 प्रतिशत और मंडी समिति को भुगतान करना होगा। 25% तक की धनराशि प्रयोक्ता प्रभार के रूप में इकट्ठे की जाएगी। इससे पूर्व मंडलायुक्त रवि कुमार एनजी ने आयुक्त सभागार में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
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