ब्यूरो चीफ़ हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
जिलाधिकारी विशाख जी0 द्वारा आज जनपद कानपुर नगर के गंगा नदी में उत्प्रवाहित नालों में किए जा रहे जैविक उपचार(बायोरैमिडेशन) के संबंध में रामेश्वर घाट के पास उत्प्रवाहित नाले का उ०प्र० प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर नगर के क्षेत्रीय अधिकारी एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी द्वारा नगर निगम द्वारा अधिकृत संस्था बायोएक्सीग्रीन द्वारा मैनुअल तरीके से बायोरेमिडियेशन कार्य किये जाने के संबंध में निरीक्षण के उपरान्त यह निर्देशित किया गया है कि इनलेट के माध्यम से उत्प्रवाहित पानी की मात्रा के अनुसार बायोरेमिडियेशन हेतु उपयोग किये जाने वाले केमिकल की डोजिंग बढाने/घटाने हेतु मॉनीटरिंग सिस्टम स्थापित किया जाना चाहिए ताकि उत्प्रवाहित पानी की मात्रा के अनुसार बायोरेमिडियेशन का कार्य हो सके।
निरीक्षण के पश्चात् रानी घाट, गोला घाट, रामेश्वर घाट, सत्तीचौरा एवं मैस्कर घाट एवं डबका नालों में उत्प्रवाहित संदूषित जल को जैविक उपचार(बायोरैमिडेशन) करने वाली कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों, नगर निगम एवं उ०प्र० प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर के अधिकारियों के साथ प्रदूषकों को कम करने, संदूषण की टाइपोलॉजी, साइट के लक्षण, दूषित पदार्थों के वितरण साइट पर माइक्रोबियल समुदाय की पहचान, वाटर फ्लो आदि के संबंध में शिविर कार्यालय में समीक्षा बैठक की गई। समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा उनके द्वारा किए जा रहे बायोरेमिडियेशन कार्य के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। निरीक्षण एवं बैठक के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी, उ०प्र० प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर नगर, मुख्य अभियंता, नगर निगम, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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