सैय्यद फरहान अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
तीन दिनों तक चलने वाले ईद-उल-अजहा त्योहार के अंतिम दिन शनिवार को मुस्लिम घरों व चिह्रित सामूहिक कुर्बानी स्थलों पर रवायत के मुताबिक कुर्बानी अदा की गई। इसी के साथ ईद-उल-अजहा त्योहार का समापन हो गया।
सुबह से शुरु हुआ कुर्बानी का सिलसिला शाम तक चला। पिछले दो दिनों के मुकाबले तीसरे दिन कम तादाद में कुर्बानी हुई। सभी मस्जिद में हर फर्ज नमाज के बाद तकबीरे तशरीक पढ़ने का सिलसिला जारी है। तकबीरे तशरीक पढ़ने का सिलसिला रविवार को असर की नमाज तक चलेगा।
तीसरे दिन भी कुर्बानी स्थलों पर गोश्त लेने वाले मौजूद रहे। कुछ कुर्बानी कराने वालों ने पूरा गोश्त गरीबों व गांव से आये लोगों में तक्सीम कर दिया। तीन रोज तक हुई कुर्बानी से जहां गरीब तबके को मुफ्त में गोश्त खाने को मिल पा रहा है, वहीं पशुपालकों, बूचड़-कसाईयों, पशुओं व चमड़े को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने वाले गाड़ी वालों, चारा व पत्ते बेचने वालों, रोटियां बनाने वाले होटलों, चमड़ा फैक्ट्रियों को लाभ हुआ है।
मेहमान-नवाजी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। लजीज पकवानों से मेहमानों का इस्तकबाल किया जा रहा हैं। शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी, मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी, मुफ्ती मेराज अहमद कादरी, हाफिज रहमत अली निजामी, हाफिज आरिफ रजा, कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, मौलाना महमूद रजा कादरी, मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ महमूद, नेहाल अहमद, बेलाल अहमद, मुहम्मद आजम, सैयद नदीम अहमद, अली गजनफर शाह, नूर मुहम्मद दानिश, सैयद शहाबुद्दीन आदि ने शांति व उत्साह के साथ त्योहार समापन पर जिला प्रशासन, नगर निगम व अवाम का शुक्रिया अदा किया है।
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