अल्लाह को प्यारी है कुर्बानी : शहर काजी
सैय्यद फरहान अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
अल्लाह की राह में कुर्बानी देने का त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरुवार 28 मई को अकीदत, मुहब्बत व परम्परा के अनुसार मनाया जाएगा। कुर्बानी का सिलसिला 28, 29 व 30 मई तक चलेगा। कुर्बानी को लेकर मुसलमानों में खूब उत्साह है। सोशल मीडिया पर मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरु हो गया है। मस्जिदों में तकबीरे तशरीक पढ़ी जाने लगी है।
शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि अल्लाह को कुर्बानी प्यारी है। मुसलमानों के लिए बेहतर है कि दसवीं जिलहिज्जा को नमाज से पहले कुछ न खाएं। गुस्ल करें। साफ सुथरे या नये कपड़े पहनें। खुश्बू लगाएं। ईदगाह को तकबीरे तशरीक बुलंद आवाज से कहते हुए एक रास्ते से जाएं और दूसरे रास्ते से वापस आएं फिर कुर्बानी करें। जो लोग हैसियत वाले हों वह अपनी तरफ से कुर्बानी करवाने के बाद पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तरफ से भी कुर्बानी करवाएं तो बेहतर है। पैगंबर-ए-इस्लाम ने फरमाया कि यौमे जिलहिज्जा (10वीं जिलहिज्जा) में इब्ने आदम का कोई अमल अल्लाह के नजदीक कुर्बानी करने से ज्यादा प्यारा नहीं है। दूसरी हदीस में आया है कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने फरमाया कि जिसे कुर्बानी की ताकत हो और वह कुर्बानी न करे, वह हमारी ईदगाहों के करीब न आए।
शहर की ईदगाहों व मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज गुरुवार को अदा की जाएगी। जिसे देखते हुए ईदगाह व मस्जिद कमेटियों ने खास तैयारी की है। भीड़ को देखते हुए साफ-सफाई, चटाई व दरी का इंतजाम किया गया है। ईद-उल-अजहा की नमाज सबसे पहले सुप्पन खां मस्जिद खूनीपुर में सुबह 5:30 बजे अदा की जाएगी। वहीं सबसे अंत में सुन्नी जामा मस्जिद सौदागर मोहल्ला बसंतपुर में सुबह 10:30 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज होगी। इसके अलावा शहर की सभी ईदगाहों व मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की जाएगी।
ईद-उल-अजहा त्योहार को लेकर बुधवार को बाजारों में काफी रौनक रही। ईद-उल-अजहा की तैयारियों में जुटे लोगों ने बाजार से जमकर खरीदारी की। लोगों ने घरों की साज सज्जा के साथ ही त्योहार के मौके पर घर आने वाले मेहमानों को लजीज पकवानों और सेवईं खिलाने के लिए तमाम चीजों की खरीदारी की।
रातभर बकरा व भैंस मंडी में खरीदारों की भीड़ जुटी रही। महंगाई का असर कुर्बानी के जानवरों पर नजर आया। दस हजार से लेकर सत्तर हजार रुपये तक के जानवर बाजार में बिके। बाजार में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ज्यादा जानवर लेकर आए। कुर्बानी के जानवरों के महंगे होने की वजह से मध्यम वर्गीय परिवारों को थोड़ी दिक्कत पेश आई। सलमान, शाहरूख, टाइगर, सुल्तान नाम के बकरे कद, काठी, रंग, नस्ल, वजन व कीमत की वजह से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
गोरखनाथ पुराने मछली दफ्तर के पास, रसूलपुर, इलाहीबाग, खूनीपुर, जामा मस्जिद उर्दू बाजार, शाह मारूफ, रेती चौक देसी व अन्य नस्ल के बकरों से गुलजार रहा। भैंस व पड़वा बाजार में भी खूब रौनक दिखी। बड़े जानवर में पेशगी के तौर पर एक हिस्से का 3500, 4000 से 4500 रुपये तक लिया जा रहा है।
तुर्कमानपुर, रसूलपुर, गोरखनाथ, अस्करगंज, गाजी रौजा, शाह मारूफ, रहमतनगर, जामा मस्जिद उर्दू बाजार, खूनीपुर, इलाहीबाग, बक्शीपुर आदि जगहों पर तो रात भर कुर्बानी के जानवरों का मेला लगा रहा। जमकर मोलभाव व खरीदारी का सिलसिला चला। जहां सामूहिक कुर्बानियां होती हैं वहां अपशिष्ट पदार्थ को दफन करने के लिए गड्ढे वगैरा भी खोदे गए।
खूब बिकी सेवईं, मेवा व खोवा।
शहर के उर्दू बाजार, शाह मारूफ, रेती, नखास, खोवा मंडी, इलाहीबाग, जाफरा बाजार, रसूलपुर व गोरखनाथ इलाके में सेवईं, खोवा व मेवों की खूब बिक्री हुई। जामा मस्जिद उर्दू बाजार में सेवईं की दुकान लगाने वाले कैस ने बताया कि रमजान, ईद व ईद-उल-अजहा के मौके पर सेवईं की मांग ज्यादा रहती है। बनारसी सेवईं हाथों-हाथ खरीदी जा रही है।
मसाला, प्याज, लहसून की हुई खरीदारी।
ईद-उल-अजहा त्योहार के तीन दिन जमकर मेहमान नवाजी की जाती है। इन दिनों मे अमीर गरीब सब बराबर हो जाते हैं। आपसी भाईचारा देखने को मिलता है। लोग एक दूसरे के घर जाते हैं और लजीज पकवानों का लुत्फ उठाते हैं। घरों में बनने वाले विभिन्न पकवानों के लिए तमाम तरह के मसाले, प्याज, अदरक, लहसुन आदि की खूब खरीदारी हुई। साहबगंज में भीड़ उमड़ी। बुधवार को महिलाओं ने तमाम तरह के मसाले तैयार कर लिए। गाजी रौजा के हाजी फैज व गाजी रौजा के शहबाज, ताबिश व शीराज ने बताया कि बुधवार को ही सारा मसाला व प्याज, लहसुन आदि साहबगंज से खरीद लिया। अब समय कम है। घर में बकरा आ चुका है। घर में तीन दिन कुर्बानी होनी है।
कपड़ों की खरीदारी भी हुई।
ईद-उल-अजहा में मुसलमान कुर्बानी तो करवाते ही हैं साथ ही नये कपड़े पहनकर ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करते हैं। बुधवार को गीता प्रेस, घंटाघर, शाह मारूफ, रेती, गोलघर आदि क्षेत्रों में काफी लोग पहुंचे। जहां बड़े कुर्ता पायजामा खरीदते नजर आए वहीं बच्चे जींस, टी शर्ट लेते दिखे। रेडीमेड आइटमों की डिमांड रही। महिलाएं सलवार सूट लेती दिखी। दर्जियों के यहां कपड़ा लेने वाले भी पहुंचे। शाह मारूफ पर खरीदारी करने आईं सना, खदीजा व हेरा ने बताया कि कपड़े वगैरा तो पहले ही खरीदा जा चुका है। दर्जी के यहां से कपड़ा लेना बाकी है। घर को सजाने के लिए पर्दा, फ्लावर्स व बर्तन वगैरा की खरीदारी की है।
होटल में बनने लगी बाकरखानी व शीरमाल
ईद-उल-अजहा में लजीज पकवानों का मजा लेने के लिए बाकरखानी, शीरमाल, बटर नान मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में स्थित मुस्लिम होटल तैयार कर रहे हैं। त्योहार के दिन विभिन्न प्रकार की रोटियों की खूब डिमांड रहती है। लिहाजा होटल वालों ने बुधवार से ही तैयारियां शुरु कर दी। उर्दू बाजार जामा मस्जिद के निकट, तुर्कमानपुर, इलाहीबाग, गोरखनाथ, जाफरा बाजार व नखास स्थित होटलों में बुधवार की रात से ही रोटियां बनना शुरु हो गईं।
ठीहा व जिब्ह करने के औजार में लग रही धार
ईद-उल-अजहा में कुर्बानी करने के लिए बूचड़ व कसाई कई जगहों पर चाकू, चापड़ वगैरा में धार तेज करवाते नजर आए। धार तेज करवाने वाली दुकानों पर भी भीड़ रही। ठीहा भी खूब बिका।
यहां होगी सामूहिक कुर्बानियां
रहमतनगर, तुर्कमानपुर, अस्करगंज, बक्शीपुर, रसूलपुर, सिधारीपुर, दीवान बाजार, इलाहीबाग, जाफरा बाज़ार, निजामपुर, सिधारीपुर सहित तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर भैंस व पड़वा की सामूहिक कुर्बानी होगी।
अमन शांति से मनाएं त्योहार, साफ सफाई का खास ध्यान रखें : उलमा किराम
मुफ्ती मेराज अहमद, मुफ्ती अख्तर हुसैन, कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, हाफिज रहमत अली निजामी, मौलाना महमूद रजा कादरी, मौलाना गुलाम हुसैन, मुफ्ती शुएब रजा सहित तमाम उलमा किराम ने लोगों से अपील की है कि कुर्बानी के दिनों में साफ-सफाई का खास ख्याल रखें। अपशिष्ट पदार्थ, खून व हड्डियां सड़कों पर न फेंकें बल्कि गड्ढे में दफन कर दें। दीन-ए-इस्लाम में साफ-सफाई को आधा ईमान करार दिया गया है। कुर्बानी इबादत है इसे खुश दिली से अदा करें। कुर्बानी के समय वीडियो व फोटो बिल्कुल न बनाया जाए और न ही सोशल मीडिया पर डाला जाए। यह मेहमान नवाजी का दिन है भाईचारे व मुहब्बत को आम करें। गरीब व जरूरतमंदों की मदद करें।
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