मानसून पूर्व तैयारी की समीक्षा बैठक आयोजित।
ब्युरो चीफ सैय्यद अनवर कादरी
छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र।
जिले में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी. ने की। इस दौरान उन्होंने संभावित हीट वेव (लू) से निपटने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को सभी स्वास्थ्य संस्थानों में “शीत कक्ष” (कूलिंग सेंटर) स्थापित करने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को आपसी संपर्क और समन्वय योजना तैयार कर आपदा निवारण के लिए सतर्क रहने को कहा।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के कई गांव गोदावरी नदी के किनारे स्थित हैं और बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं। कुल 165 गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। विशेष रूप से पैठण, वैजापुर और गंगापुर तालुकों के कई गांव हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी छोटे-बड़े पुलों का निरीक्षण किया जाए और यदि बाढ़ के दौरान यातायात बाधित हो सकता है तो वैकल्पिक मार्ग पहले से तय किए जाएं। जिले में कुल 63 पुलों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन के लिए जिले में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, जिनमें नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू किट, स्ट्रेचर, हेलमेट, टेंट और अन्य उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा कई लोगों को स्कूबा डाइविंग और “आपदा मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ संभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और आवश्यक खाद्यान्न का भंडारण पहले से किया जाए। सभी विभागों को 15 मई तक अपना आपदा प्रबंधन प्लान तैयार करने और 24x7 नियंत्रण कक्ष शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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