छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र।
एक विधवा महिला के साथ हुए कथित बैंक-बीमा मामले में आखिरकार न्याय मिल गया है। लगातार प्रयास और फॉलो-अप के बाद मुस्कान बेगम शेख को उनके पूरे ₹2 लाख रुपये वापस मिल गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुस्कान बेगम शेख को उनके पति के निधन के बाद ₹2 लाख की राशि मिली थी, जिसे वह सुरक्षित निवेश के रूप में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में लगाना चाहती थीं। लेकिन आरोप है कि बैंक में उन्हें एफडी के बजाय बीमा पॉलिसी दे दी गई थी, जिसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी।
जब एक वर्ष बाद उनसे प्रीमियम मांगा गया, तब उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने मदद के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क किया।
इस मामले में जिला उपभोक्ता संरक्षण समिति के अशासकीय सदस्य अनवर अली सय्यद ने पहल करते हुए लगातार 3 महीने तक फॉलो-अप किया और संबंधित विभागों के समक्ष शिकायतें दर्ज कराईं। उनके प्रयासों के चलते आखिरकार पीड़ित महिला को न्याय मिला और उनकी पूरी राशि वापस कर दी गई।
इस पूरे प्रकरण में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सेराज अहमद कुरैशी का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। साथ ही एशिया एक्सप्रेस के संपादक शारिक नक्षबंदी और सैय्यद वजाहत नक्षबंदी ने भी इस मामले में सक्रिय योगदान दिया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे जागरूकता और संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि यदि आम नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं, तो न्याय अवश्य मिलता है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि बैंक या किसी भी वित्तीय संस्था में कोई भी दस्तावेज़ साइन करने से पहले पूरी जानकारी अवश्य लें, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों से बचा जा सके।
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