शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
महाड सत्याग्रह शताब्दी वर्ष से संबंधित सभा का आयोजन किया गया,जिसमें
सर्वप्रथम सभा केअध्यक्ष, गणेश पासवान पर्चाधारी सिंगासन राम ने अम्बेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण किया,तदुपरान्त सभी लोग पुष्पअर्पित कर उन्हें नमन किए।भूमिअधिकार कार्यकर्ता,लालबाबू राम ने कहा कि महाड़ सत्याग्रह के द्वारा यह संदेश मिलता है कि कमजोर पक्षों के हित में बने कानूनों और नियमों को लागू कराने के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष/सत्याग्रह के अलावा कोई रास्ता नहीं है,उन्होंने कहा कि हम भूमिहीनों और परचाधारियों को भी 1961 में बने भूमि सुधार कानून को लागू कराने के लिए व्यापक सत्याग्रह करना होगा। इस मौके पर जेपी सेनानी,पंकज ने कहा कि डॉ०अम्बेडकर ने जाति व्यवस्था के नाश के लिए लिखे,बोले और अपनी जीवन को निछावर कर दी। उनका यह संदेश है कि जाति व्यवस्था काअंत किए बिना समतामूलक समाज का निर्माण संभव नहीं है।पंकज ने आज भी दलित समाज की उपजातियों के बीच बनी हुई दूरियों को समाप्त करने तथा दहेज़प्रथा,मृत्युभोज,ओझागु ऊंच नीच,जातपात के हथकंडों से बचने की अपील की।सभा में,धीरज कुमार, पानमति देवी,बृजेश पासवान,नरेश राम,विकास, दिलीप,रंजन सहित अनेक लोग शामिल थे।
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