शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
सरकार ने जरूरतमंदों के बीचआवास उपलब्ध कराने के लिए इसका सर्वेक्षण कराकर सूची तैयार करती है, इस तैयार सूची को प्रत्येक प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा उसका सत्यापन कर आवास से लाभान्वित करने के लिए सरकार द्वारा राशि आवंटित की जाती है,इस राशि के आवंटन के बादआवास लाभुकआवास बनवाते है, सर्वेक्षण सूची के अनुसार,406094 में से 50% लोगों को आवास मुहैया कराना था,मगर आवास सूची का सत्यापन में लापरवाही बरतने के कारण जिला के 7 प्रखंड विकास पदाधिकारी का वेतन बंद होने कीआदेश निर्गत हो चुकी है,इसमें चनपटीया, नौतन, बगहा 2 सहित 7 प्रखंड विकास पदाधिकारी का वेतन बंद रहेगा।इन प्रखंडों मेंआवास सर्वेक्षण के सत्यापन के काम में लापरवाही बरती गई है। ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा जारी सूचना के अनुसार इन प्रखंडों में 20 से 37 % ही आवास सर्वेक्षण सूची का सत्यापन हुआ है, जिससे लाभुकों कोआवास की राशि आवंटित करने में परेशानी हो रही है।संवाददाता को विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि मात्र तीन प्रखंडों में 50% सेअधिक सत्यापन की गई है,जिसमें जोगापट्टी में 59.53,पिपरासी में,61.33, टकराहा में 62.45 % सत्यापन हुआ है।सूची का सत्यापन होने में विलंब होने पर जरूरतमंदों को आवास का लाभ समय पर नहीं मिल रहा है।
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