भारत समाचार न्यूज एजेंसी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
ज्ञात हो कि लक्ष्मी नारायण सिंह निवासी ग्राम-बेलवा बुजुर्ग, पोस्ट-बरसैनी, थाना-अहिरौलीबाजार, जनपद-कुशीनगर की दिनांक 16.12.2025 की तबीयत खराब हो गई उनको लाकर गोरखपुर के एम्स में भर्ती कराया गया। एम्स के डाक्टरों ने कहा कि यहाँ आई०सी०यू० नहीं है, यहाँ से ले जाइये। एक डाक्टर ने एक एम्बुलेंस वाले का नम्बर-7310233212 दिया कहा कि इसको फोन कर लीजिए। परिवार द्वारा फोन किया तो वह एम्बुलेंस वाला आया जिसे पादरी बाजार स्थित फातिमा हास्पिटल ले चलो तो एम्बुलेंस वाले ने फातिमा हास्पिटल न ले जाकर खजांची चौराहे पर स्थित जीवन दीप हास्पिटल ले गया और कहा कि यहाँ पर आई०सी०यू० की बढ़िया व्यवस्था है और भर्ती करा दिया गया। परिवार द्वारा काउन्टर पर पूछा कि कितना खर्च लगेगा तो बताया गया कि प्रतिदिन दवा, इलाज आई०सी०यू०, ऑक्सीजन 8000/- रू० लगेगा परन्तु आज तक 157000/-रू० ले लिया गया है और 100000/- रू० की माँग की जा रही मरीज को बंधक बना लिया गया है। क्या बीमारी है किस मद में कितना खर्च हो रहा है नहीं बताया गया। डा० एस० के० वर्मा द्वारा कहा जा रहा है कि 100000/- रू० और दो और अपना मरीज ले जाओ, नही तो आई०सी०यू० में प्रतिदिन का खर्च बढ़ेगा नही दोगे तो मरीज के साथ कुछ भी हो सकता है। हास्पिटल वाले बाउन्सर पाले हुए है पैसे वसूली के लिए मारपीट व जान से मारने की धमकी दे रहे है। पीड़ित को हास्पिटल जीवन दीप निकट खजांची चौराहा, थाना-शाहपुर, जनपद-गोरखपुर के कैद से छुड़ाया जाना परम आवश्यक है। हास्पिटल जीवन दीप स्थित निकट खजांची चौराहा, थाना-शाहपुर, जनपद-गोरखपुर के डा० एस० के० वर्मा व हास्पिटल स्टाफ तथा मेली मद्दगार के विरूद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
आर०एस०एस० के गौ-सेवा गतिविधि के विभाग संयोजक देवरिया विनोद कुमार सिंह ने कहा कि हमारे बहनोई व उनके स्वजन के साथ जो अत्याचार अस्पताल प्रशासन द्वारा किया जा रहा है उचित नही है। गोरक्ष प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख राजकुमार शर्मा ने कहा कि निजी अस्पताल पर कार्यवाही करके मरीज को वहाँ से छुट्टी दिलायी जाये। गोवत्स स्वामी डा० विनय ने कहा कि एम्बुलेंस दलाल व अस्पताल की मिलीभगत से जो मरीजों का शोषण शोषण किया जा रहा है उचित नही है। प्रशासन कठोर कार्रवाई करें।
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