पंं.प्रदीप मिश्रा ने कथा के चौथे दिन शिवरात्रि, प्रदोष आदि चीजों का बताया महात्म्य।

धनंजय कुमार शर्मा

बलिया:उत्तर प्रदेश 

बाबा बालखंडी नाथ दिउली के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को शिवत्व के माध्यम से जीवन को सुखमय बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से भगवान के भजन और नाम स्मरण से मनुष्य को मनचाही भौतिक संपदाओं के साथ-साथ शिव की कृपा भी प्राप्त होती है, जबकि व्यसनों में लिप्तता जीवन को बर्बाद कर देती है। पंडित मिश्रा ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए 'मैं' की भावना का त्याग कर 'आप' और 'हम' शब्द का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव भक्त किसी कार्य का श्रेय स्वयं नहीं लेता, बल्कि उसे भोलेनाथ की कृपा मानता है और सामूहिकता को महत्व देता है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के मन में यह भाव आ जाता है कि उसका घर नहीं बल्कि शिव का घर है, उसके जीवन और परिवार से अशांति स्वतः दूर हो जाती है। कथा के दौरान उन्होंने बलियावासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि अधिक मास, प्रदोष, शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या जैसे विशेष संयोगों के बीच शिव महापुराण कथा का श्रवण करना अत्यंत पुण्यदायी है। एक क्षण की महत्ता को समझाते हुए पंडित मिश्रा ने संत और लोहार की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि एक गरीब लोहार प्रतिदिन कुछ समय के लिए शिवालय जाकर नंदी के कान में अपनी बात कहकर लौट आता था। एक बार गांव में भीषण वर्षा और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर उसने नंदी के माध्यम से भोलेनाथ से अपनी सुध लेने की प्रार्थना की। भगवान शिव की कृपा से वर्षा रुक गई और पूरा गांव संकट से बच गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव से संबंध जोड़ने के लिए घंटों की साधना नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया गया एक क्षण का स्मरण भी पर्याप्त है।

इस दौरान मंत्री के अनुज धर्मेंद्र सिंह और उनके परिजनों के साथ अनुज सरावगी, अनिल पांडेय, राजाराम सिंह, राजेश गुप्ता आदि ने व्यास पीठ की पूजा की।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
1

Leave a comment

Most Read

Advertisement

Newsletter

Subscribe to get our latest News
Follow Us
Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by India Khabar 2026