Tranding

पैगंबर-ए-इस्लाम को अल्लाह ने इल्म-ए-गैब से नवाजा - अनस नक्शबंदी

अल्लाह ने पैगंबर-ए-इस्लाम को कायनात की हर चीज का इल्म दिया : हाफिज रहमत 

इस्लामी अकीदे की विशेष कार्यशाला का दूसरा सप्ताह।

सैय्यद फरहान अहमद

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

जामिया अल इस्लाह एकेडमी नौरंगाबाद गोरखनाथ, सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार व मदरसा रजा-ए-मुस्तफा तुर्कमानपुर में पांच सप्ताह तक चलने वाली इस्लामी अकीदे की विशेष कार्यशाला के दूसरे सप्ताह में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के इल्म-ए-गैब (छुपी बातों के ज्ञान) के बारे में विस्तार से बताया गया। कुरआन-ए-पाक की तिलावत हुई। 

मुख्य वक्ता कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि कुरआन के अनुसार इल्म-ए-गैब का ज़ाती (निजी) ज्ञान केवल अल्लाह के पास है। अल्लाह अपने चुनिंदा रसूलों, नबियों और नेक बंदों को अपनी इच्छा से गैब की खबरें प्रदान करता है। सिर्फ अल्लाह ही गैब का ज़ाती इल्म रखता है। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को अल्लाह ने इल्म-ए-गैब से नवाजा।अल्लाह ने पैगंबर-ए-इस्लाम को गैब का इल्म दिया ताकि वे अल्लाह का पैगाम पूरी तरह लोगों तक पहुंचा सकें और उनके लिए सच्चे दीन का पथ प्रदर्शित कर दें।पैगंबर-ए-इस्लाम का इल्म पूरी दुनिया में सबसे अधिक है, लेकिन वह अल्लाह के बराबर नहीं है। पैगंबर-ए-इस्लाम का इल्म-ए-गैब अल्लाह की अता से है, यानी अल्लाह ने उन्हें यह इल्म दिया है, यह उनका अपना ज़ाती इल्म नहीं है बल्कि अल्लाह की अता से है। अल्लाह अपने रसूलों में से जिसे चाहता है, उसे गैब की खबर देता है। यह इल्म उन्हें वही (अल्लाह के विशेष संदेश) के जरिए मिला, जिससे उन्हें भविष्य की घटनाओं, जन्नत, जहन्नम और पिछली उम्मतों के बारे में जानकारी मिली। यह इल्म अल्लाह के ज़ाती इल्म के बराबर नहीं है। पैगंबर-ए-इस्लाम के पास इल्म-ए-गैब है, लेकिन यह अल्लाह की तरफ से दिया गया है। 

अध्यक्षता कर रहे हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि अल्लाह का इल्म अज़ली (हमेशा से), अबदी (हमेशा रहने वाला) और ज़ाती है। अल्लाह गैब का जानने वाला है और वह अपने गैब पर किसी को आगाह नहीं करता, सिवाय खास बंदों के जिसे उसने चुन लिया। अल्लाह ने पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को कायनात की हर चीज का इल्म प्रदान किया है। यह अल्लाह द्वारा दिया गया इल्म है। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इल्म-ए-गैब अल्लाह द्वारा उन्हें दी गई एक विशेष क्षमता है, जिसके तहत उन्हें भविष्य की घटनाओं, पिछली छुपी बातों और अल्लाह के संदेशों की जानकारी दी गई। 

अंत में दुरूद ओ सलाम पढ़कर अवाम की खिदमत करने, आपसी प्रेम, भाईचारे दुआ मांगी गई। कार्यशाला में मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ महमूद, सैयद नदीम अहमद, सैयद मतीन अहमद, खुर्शीद खान, अली अफसर, शीराज सिद्दीकी, हाजी फैज खान, जावेद, आसिफ, ज्या वारसी, शीरीन आसिफ, शबनम, नूर सबा, शीरीन सिराज, अफसाना, शिफा खातून, फिजा खातून, नौशीन फातिमा, सना फातिमा, असगरी खातून, यासमीन, आयशा, फरहत, नाजिया, तानिया अख्तर, अख्तरून निसा, अलीशा खातून, सादिया नूर, खुशी नूर, मंतशा, रूमी, शीरीन बानो, समीना बानो, शबाना, सिदरा, सानिया, उम्मे ऐमन, शीरीन आसिफ, सना खातून, आरजू अर्जुमंद, गुल अफ्शा, अदीबा, फरहीन, आफरीन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

_________

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
17

Leave a comment

Most Read

Advertisement

Newsletter

Subscribe to get our latest News
Follow Us
Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by India Khabar 2026